हमने कई दशकों से शिष्यता सामग्री प्रदान की है, ताकि प्रभु यीशु के ‘महान आदेश’ की पूर्ति हो सके।
Early efforts: TEE
प्रारंभिक प्रयास: टीईई
सन् 1973 में, उत्तरी अफ्रीका में फ़्रांसीसी और अरबी भाषाओं में टीईई (थियोलॉजिकल एजुकेशन बाय एक्सटेंशन) कार्यक्रम की शुरुआत हुई — जो गहराई से सिद्धांत शिक्षा देने वाला पहला दूरस्थ अध्ययन कार्यक्रम था। इससे पहली पीढ़ी के कलीसिया अगुवाओं को सेवा के लिए तैयार किया गया। लेकिन 1980 के दशक के मध्य तक यह कार्यक्रम धीरे-धीरे बंद हो गया।
Summer Bible Schools
ग्रीष्मकालीन बाइबिल स्कूल
सन् 1987 में, ग्रीष्मकालीन बाइबिल स्कूल कार्यक्रम की शुरुआत दक्षिणी स्पेन में हुई, जो आगे चलकर फ्रांस और उत्तरी अफ्रीका तक विस्तारित हुआ। 1990 के दशक में हर गर्मी में दो 1-सप्ताह के बाइबिल अध्ययन मॉड्यूल करवाए गए।
Level 1
स्तर 1
नये विश्वासियों के लिए एक आधारभूत शिष्यता पाठ्यक्रम की आवश्यकता को महसूस करते हुए एक सर्वेक्षण किया गया। इसके परिणामस्वरूप सन् 1995 में 10 पाठ्यक्रमों वाला एक नया निगमनात्मक बाइबल अध्ययन कार्यक्रम शुरू हुआ जिसको ‘एक साथ प्रगति स्तर 1’कहा गया। ये पाठ्यक्रम प्रारंभ में अंग्रेज़ी, फ्रेंच और अरबी में उपलब्ध कराए गए, फिर कबाइली उपभाषा बर्बर और स्पेनिश में भी। सन् 2008 में ‘क्षमा और मेल-मिलाप’ पर 11वां पाठ्यक्रम जोड़ा गया।
Level 2 Certificate
स्तर 2 प्रमाणपत्र
अगुवाई और प्रशिक्षण की मांग बढ़ी, सन् 2000 में एक वर्ष-भर चलने वाले गहन अध्ययन कार्यक्रम की योजना बनी। प्रारंभिक रूप से 30 पाठ्यक्रमों की योजना थी, लेकिन बाद में इसे 10 मुख्य पाठ्यक्रमों और एक वैकल्पिक व्यावहारिक सेवा पाठ्यक्रम में संक्षिप्त कर दिया गया। यह आज का एक साथ प्रगति स्तर 2 कार्यक्रम है। इसमें विश्लेषण, व्यावहारिक अनुप्रयोग और पठन कार्य को सम्मिलित किया गया है, जिससे मसीही सेवा की तैयारी का प्रमाणपत्र प्रदान किया जाता है। कुछ धर्मवैज्ञानिक विद्यालय इसे प्रथम वर्ष की पढ़ाई में स्थानांतरित अंकों की मान्यता के रूप में भी स्वीकार करते हैं। वर्तमान में स्तर 2 के सभी 10 मुख्य पाठ्यक्रम पूर्ण हो चुके हैं, लेकिन उपलब्ध व्यावहारिक सेवा पाठ्यक्रमों की विविधता बढ़ाने का कार्य जारी है।
Level 1 Orality
स्तर 1 मौखिक शिक्षा पद्धति
उत्तर अफ्रीका से यह मांग उठी कि उन विश्वासियों के लिए भी पाठ्यक्रम उपलब्ध हो, जो पढ़-लिख नहीं सकते या जो मौखिक परंपरा से सीखना पसंद करते हैं। सन् 2008 में इस उद्देश्य के लिए एक कार्य बल गठित किया गया जिसका उद्देश्य मौखिक शिक्षार्थियों के लिए ‘एक साथ प्रगति स्तर 1’ कार्यक्रम के उद्देश्यों और विषयवस्तु को अनुकूलित करना था। शिक्षकों के लिए पहला मौखिक प्रशिक्षण संगोष्ठी फरवरी 2015 में आयोजित हुआ। इसके बाद से उत्तरी और पश्चिमी अफ्रीका, मध्य पूर्व और यूरोप में मौखिक शिक्षण के शिक्षकों को प्रशिक्षित किया गया। जनवरी 2016 में पहला संपूर्ण मौखिक शिष्यता पुस्तिका जारी किया गया।

